भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष गया में सन 1922 में कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय सम्मेलन के सदारत करने वाले महान स्वतंत्रता सेनानी, विद्वान अधिवक्ता, देशबंधु चितरंजन दास जी की 97 वीं पुण्यतिथि स्थानीय गया के आजाद पार्क के मुख्यद्वार पर स्थित इनके प्रतिमा के समक्ष मनाई गई।

सर्वप्रथम इनके प्रतिमा पर माल्यार्पण के पश्चात् इनके व्यक्तित्व एवम् कृतित्व पर विस्तृत प्रकाश डाला गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए अखिल भारतीय कांग्रेस कमिटी के सदस्य सह क्षेत्रीय प्रवक्ता बिहार प्रदेश कांग्रेस कमिटी प्रो विजय कुमार मिठू ने कहा की देशबंधु चितरंजन दास महान स्वतंत्रता सेनानी के साथ, साथ कानून के बड़े ज्ञाता थे, जिन्होंने आजादी की लड़ाई में सड़क से न्यायलय तक अंग्रेजी हुकूमत के दातें खट्टे कर दिए थे।
सन 1922 में कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय सम्मेलन गया के स्वराजयपुरी केंदुई में हुआ था, जिसकी अध्यक्षता देशबंधु चितरंजन दास किए थे, इसलिए गया के आजाद पार्क में इनकी प्रतिमा स्थापित किया गया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा की आज देशबंधु चितरंजन दास जी के प्रतिमा स्थल के ठीक बगल में आजाद पार्क के मुख्यद्वार पर मूत्रालय बना कर गया नगर निगम द्वारा गंदगी फैलाने से लोगो को उनके प्रतिमा के पास खड़ा होने पर इस प्रकार बदबू मारता है की खड़ा होना मुश्किल है, जिस मूत्रालय को वहां से दूसरे जगह स्थानांतरित नगर निगम द्वारा अविलंब किया जाय।
कार्यक्रम को राम प्रमोद सिंह, विद्या शर्मा, टिंकू गिरी, कृष्ण कांदू, विनोद बनारसी, शिव कुमार चौरसिया, उदय शंकर पालित, अरुण कुमार पासवान, सुरेंद्र मांझी, आदि ने संबोधित किया।

