किलकारी गया के बच्चों ने जाना हिंदी का महत्त्व।

REPORT : FAISAL RAHMANI

GAYA : बिहार बाल भवन किलकारी प्रांगण में हिंदी दिवस के अवसर पर एक दिवसीय सेमिनार आयोजित किया गया। इस सेमिनार में विशेषज्ञ अतिथि के रुप में अरविंद कुमार, सुमंत कुमार, अरुण हरलीवाल, राकेश कुमार रवि एवं सूर्य प्रकाश उपस्थित हुए। 

सेमिनार का शुभारंभ आगत अतिथियों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया। विशेषज्ञों ने अपनी विशेषज्ञता एवं अपने अनुभवों के माध्यम से कई महत्वपूर्ण बातें बताईं। 

अरविंद कुमार ने बताया कि बच्चों को हिंदी के अलावा अन्य भाषाओं की भी जानकारी रखनी चाहिए। लेकिन हिंदी की जानकारी बचपन में ही होनी चाहिए। ताकि बड़े होकर उच्चारण आदि में अशुद्धियां नहीं हों। सही-सही उच्चारण एवं लेखन होने पर बचपन की उम्र में ही इन्हें मान-सम्मान मिल सकता है।

सुमंत कुमार ने बताया कि हिंदी माता के समान है। अतः हिंदी भाषा को सम्मान हमें सम्मान और आदर देना चाहिए। यह अपने अंदर कई भाषाओं को समाहित कर लेती है। 

कार्यक्रम में अरुण हरलीवाल ने बताया कि हिंदी हमारी राजकीय भाषा है। कई बच्चों को शिकायत रहती है कि हिंदी भाषा में उच्च स्तरीय शिक्षण में पठन-पाठन सामग्रियों की कमी है। इस कमी को दूर करने की ज़िम्मेदारी भी हम सब की ही है।

राकेश कुमार रवि व सूर्य प्रकाश ने भी बच्चों के समक्ष विषय से संबंधित जानकारी रखी। इधर, बच्चों ने भी सवालों के माध्यम से अपनी जिज्ञासा प्रकट की। उन्होंने अक्षरों के उच्चारण स्थान और सही-सही लिखने के तरीक़ों के बारे में भी सवाल किया। बच्चों सवालों के जवाब देने के बाद उनकी जिज्ञासा को देखते हुए विशेषज्ञों ने इस पर विशेष क्लास रखने का अश्वासन दिया।  
 
इस अवसर पर किलकारी बिहार बाल भवन के लगभग 80 बच्चे, सभी प्रशिक्षक एवं प्रमंडल कार्यक्रम समन्वयक वेद प्रकाश, सहायक कार्यक्रम पदाधिकारी नादिरा कौसर, सहायक लेखा पदाधिकारी गुड़िया कुमारी उपस्थित थे।