TEKARI में पांच दिवसीय 'चहक प्रशिक्षण' का हुआ समापन।


REPORT : FAISAL RAHMANI


TEKARI : बिहार सरकार के शिक्षा विभाग की ओर से शुरू की गई बुनियादी साक्षरता एवं संख्या ज्ञान (एफ़एलएन) कार्यक्रम के अंतर्गत होने वाले चहक मॉड्यूल के पांच दिवसीय ग़ैर-आवासीय संकुल स्तरीय शिक्षक प्रशिक्षण का समापन हो गया। 


इसके तहत टिकारी के +2 प्रकाश विद्या मंदिर में सीआरसी अमरपुर और सीआरसी मऊ के अंतर्गत आने वाले 24 स्कूलों के कुल 39 शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया गया। 


इस पांच दिवसीय चहक प्रशिक्षण के दौरान शिक्षकों को विभिन्न गतिविधियों और प्रोजेक्ट के माध्यम से प्रशिक्षित किया गया। मेंटर शारदा रंजन, प्रशिक्षक सूबेलाल प्रसाद व संजीत कुमार मिश्रा और सहायक प्रशिक्षक देवेंद्र कुमार ने शिक्षकों को शिक्षण के कई नए-नए तरीकों से अवगत कराया।


इसके अंतर्गत शिक्षकों ने चार्ट मेकिंग प्रोजेक्ट, पेंटिंग, नाटक मंचन, गायन, कविता की प्रस्तुति आदि गतिविधियों के माध्यम से कई आकर्षक प्रस्तुति दी। 


टिकारी के प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी संजीव कुमार ने मेंटर, प्रशिक्षकों व शिक्षकों के प्रयास की काफ़ी सराहना की। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण पाने के बाद सभी शिक्षक पढ़ाने के क्रम में चहक मॉड्यूल को ध्यान में ज़रूर रखें। कार्यक्रम के अंत में प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी ने शिक्षकों को सर्टिफ़िकेट देकर सम्मानित किया।


ग़ौरतलब है कि बुनियादी साक्षरता एवं संख्या ज्ञान को विकसित करने के लिए निपुण भारत कार्यक्रम का संचालन शुरू किया गया है। इस कार्यक्रम के माध्यम से सुनिश्चित करना है कि प्रत्येक बच्चा तीसरी कक्षा के अंत तक आधारभूत साक्षरता एवं संख्या ज्ञान की दक्षता विकसित हो सके। 


नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुशंसा के अनुसार एनसीईआरटी ने तीन महीने का स्कूल रेडीनेस मॉड्यूल चहक विकसित किया है।


चहक मॉड्यूल में गतिविधियों की कई ऐसी श्रृंखलाएं शामिल हैं जो शिक्षक द्वारा स्कूली शिक्षा के पहले कुछ महीनों के दौरान बच्चों को कार्यकलाप के रूप में प्रदान किया जा सकता है।