ओटीए गया में 29वीं पासिंग आउट परेड की पूर्व संध्या पर गौरव पदक समारोह, देशभक्ति की धुनों के बीच दिखा सैन्य जोश और जांबाजी
Rakesh Kumar
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अफसर प्रशिक्षण अकादमी, गया में शुक्रवार को 29वीं पासिंग आउट परेड की पूर्व संध्या पर आयोजित गौरव पदक सम्मान समारोह में देशभक्ति, सैन्य शौर्य और जांबाजी का अद्भुत संगम देखने को मिला। भारतीय सेना में अधिकारी बनने जा रहे अफसर कैडेटों के माता-पिता और परिजनों को उनके त्याग, संघर्ष और सहयोग के लिए गौरव पदक प्रदान कर सम्मानित किया गया। समारोह ने यह संदेश दिया कि देश की रक्षा के लिए वर्दी पहनने वाले हर जवान और अफसर के पीछे उसके परिवार का भी उतना ही बड़ा योगदान होता है।


समारोह के मुख्य अतिथि वियतनाम पीपुल्स आर्मी के जनरल स्टाफ के उप प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल ले वान हुआंग रहे। वे 29वीं पासिंग आउट परेड के समीक्षा अधिकारी भी हैं। इस अवसर पर दक्षिणी कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ लेफ्टिनेंट जनरल राजेश पुष्कर, एवीएसएम, वीएसएम तथा ओटीए गया के कमांडेंट लेफ्टिनेंट जनरल संदीप सिंह, अति विशिष्ट सेवा मेडल समेत कई वरिष्ठ सैन्य अधिकारी मौजूद रहे।



जोश से लबरेज दिखे जांबाज कैडेट


समारोह के दौरान सेना सिम्फनी बैंड की देशभक्ति से ओत-प्रोत धुनों ने पूरे परिसर को जोश और राष्ट्रप्रेम से भर दिया। सैन्य प्रशिक्षण की कठोरता और युद्ध कौशल की झलक कैडेटों के शानदार प्रदर्शन में दिखाई दी। जवानों ने मल्लखंभ, कलरीपयट्टू और गतका का रोमांचक प्रदर्शन कर अपनी शारीरिक दक्षता, साहस और युद्ध कौशल का प्रदर्शन किया। करतबों के दौरान कैडेटों का जोश और अनुशासन देखते ही बन रहा था।



परिवार के त्याग को मिला सम्मान


समारोह में सैन्य अधिकारियों ने कहा कि सेना में अधिकारी के रूप में व्यक्तित्व का निर्माण केवल प्रशिक्षण से नहीं होता, बल्कि इसके पीछे परिवार के वर्षों के त्याग, अनुशासन और निरंतर सहयोग की बड़ी भूमिका होती है। माता-पिता और परिजनों ने अपने बच्चों को देश सेवा के लिए तैयार करने में जो त्याग किया है, गौरव पदक उसी सम्मान और कृतज्ञता का प्रतीक है।



शनिवार को 253 अफसर कैडेटों की अग्निपरीक्षा


अब शनिवार, 5 सितंबर 2026 को ओटीए गया के परेड ग्राउंड में 29वीं पासिंग आउट परेड के दौरान 253 अफसर कैडेट भारतीय सेना में कमीशन प्राप्त करेंगे। इनमें SSC टेक्निकल एंट्री (पुरुष)-65वें कोर्स के 218 और महिला-36वें कोर्स की 35 अफसर कैडेट शामिल हैं।


पासिंग आउट परेड के साथ ही इन युवा अफसरों के प्रशिक्षण का कठिन सफर पूरा होगा और वे भारतीय सेना की गौरवशाली परंपरा में शामिल होकर राष्ट्र की रक्षा की शपथ लेंगे। कंधों पर सितारे सजने के साथ इन जांबाजों के सामने देश की सीमाओं की सुरक्षा, सैनिकों का नेतृत्व और मातृभूमि के प्रति सर्वोच्च समर्पण की जिम्मेदारी होगी।

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