Rakesh Kumar
गयाजी और बोधगया को विश्वस्तरीय शहरी पहचान दिलाने की दिशा में बिहार सरकार की महत्वाकांक्षी पहल को गति मिलती दिख रही है। बिहार अर्बन ट्रांसफॉर्मेशन प्रोग्राम के तहत विश्व बैंक की उच्चस्तरीय टीम ने शनिवार को दोनों शहरों में चल रही और प्रस्तावित विकास परियोजनाओं का स्थलीय निरीक्षण किया। राज्य में अगले पांच वर्षों के दौरान करीब 5,000 करोड़ रुपये के प्रस्तावित निवेश के माध्यम से आधुनिक शहरी ढांचा विकसित करने की योजना पर काम किया जा रहा है।
निरीक्षण के दौरान गया नगर निगम के नगर आयुक्त-सह-अपर समाहर्ता आदित्य कुमार पीयूष ने प्रतिनिधिमंडल का स्वागत किया तथा शहर में संचालित और प्रस्तावित विकास योजनाओं का विस्तृत प्रस्तुतीकरण किया। उन्होंने बताया कि गयाजी और बोधगया को आधुनिक, स्वच्छ, सुव्यवस्थित एवं नागरिक-अनुकूल शहर के रूप में विकसित करने के लिए कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर कार्य किया जा रहा है।
विश्व बैंक की टीम को शहर सौंदर्यीकरण, ठोस अपशिष्ट एवं स्वच्छता प्रबंधन, भूमिगत जल निकासी एवं सीवरेज नेटवर्क के विस्तार, नागरिक सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण तथा प्रमुख बाजारों और चौक-चौराहों को पैदल यात्रियों के अनुकूल विकसित करने की योजनाओं की जानकारी दी गई। इसके अलावा आधुनिक शहरी अवसंरचना तैयार करने के रोडमैप पर भी विस्तार से चर्चा की गई।
प्रतिनिधिमंडल ने इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम, नव-निर्मित विरासत स्तंभ, मिर्जा गालिब गोलंबर के समीप प्रस्तावित वेंडिंग ज़ोन, विष्णुपद कॉरिडोर, रिवरफ्रंट डेवलपमेंट मार्ग तथा बोधगया के विभिन्न विकास स्थलों का भी निरीक्षण किया। टीम ने परियोजनाओं की वर्तमान प्रगति और भविष्य की संभावनाओं का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान गयाजी और बोधगया के बीच प्रस्तावित 'मगध सैटेलाइट टाउनशिप' परियोजना पर भी विशेष चर्चा हुई। एयरोसिटी मॉडल पर विकसित होने वाली इस परियोजना से क्षेत्र में निवेश आकर्षित होने, आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने तथा बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर सृजित होने की उम्मीद जताई गई।
बिहार अर्बन ट्रांसफॉर्मेशन प्रोग्राम के तहत पहले चरण में पटना, गयाजी और मुजफ्फरपुर को राज्य के पहले अर्बन एक्सियल नोड के रूप में विकसित करने की योजना है। अधिकारियों का मानना है कि इन परियोजनाओं के क्रियान्वयन से गयाजी और बोधगया की आधारभूत संरचना मजबूत होगी, पर्यटन को नई गति मिलेगी तथा दोनों शहरों की पहचान विश्वस्तरीय शहरी केंद्र के रूप में स्थापित होगी।