Rakesh Kumar
मगध प्रक्षेत्र में पुलिस व्यवस्था को भ्रष्टाचार और लापरवाही से मुक्त करने के लिए आईजी विकास वैभव की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति लगातार सख्ती के साथ लागू हो रही है। इसी कड़ी में महज 24 घंटे के भीतर गया जिले में दो पुलिस अधिकारियों को निलंबित कर विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी गई। इन कार्रवाइयों से स्पष्ट संदेश दिया गया है कि खाकी की आड़ में भ्रष्टाचार, अवैध वसूली या ड्यूटी में लापरवाही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
पहली कार्रवाई 16 जुलाई को खिजरसराय थाना के तत्कालीन अनुसंधानकर्ता (सब-इंस्पेक्टर) तेज नारायण चौबे के खिलाफ की गई। उन पर कांड संख्या 181/2026 में एक ग्रामीण का नाम केस से हटाने के बदले भय और दबाव बनाकर अवैध राशि की मांग करने का आरोप है। सरैया बिगहा निवासी शिकायतकर्ता नागा यादव ने 21 मई 2026 को पुलिस अधिकारियों को ऑडियो रिकॉर्डिंग और पेन ड्राइव सौंपकर इसकी शिकायत की थी। मामले की जांच अंचल पुलिस निरीक्षक द्वारा की गई, जिसमें ऑडियो में सुनाई दे रही आवाज प्रथम दृष्टया एसआई तेज नारायण चौबे की पाई गई तथा अनुचित लाभ मांगने के आरोप की पुष्टि हुई। इसे पुलिस संगठन की निष्पक्षता और जनविश्वास के विपरीत गंभीर कदाचार मानते हुए आईजी के निर्देश पर उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर विभागीय कार्यवाही प्रारंभ कर दी गई।
दूसरी कार्रवाई 17 जुलाई को मगध मेडिकल थाना के तत्कालीन थानाध्यक्ष एवं पुलिस निरीक्षक कृष्णा कुमार के विरुद्ध की गई। कांड संख्या 224/2026 के अनुसंधान में घोर लापरवाही और स्वेच्छाचारिता की शिकायत मिलने पर पुलिस उपाधीक्षक (नगर-02) द्वारा विस्तृत जांच कराई गई। जांच रिपोर्ट, स्टेशन डायरी और अन्य अभिलेखों के परीक्षण में यह सामने आया कि थानाध्यक्ष ने अपने वैधानिक एवं प्रशासनिक दायित्वों का अपेक्षित निष्पक्षता और सतर्कता के साथ निर्वहन नहीं किया, जिससे गंभीर आपराधिक मामले की जांच प्रभावित होने की आशंका उत्पन्न हुई। प्रथम दृष्टया दोषी पाए जाने पर उन्हें भी तत्काल प्रभाव से निलंबित कर विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी गई।
आईजी विकास वैभव की इन दोनों कार्रवाइयों को पुलिस महकमे में अनुशासन और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि भ्रष्टाचार, अवैध वसूली और कर्तव्य में लापरवाही के मामलों में आगे भी इसी प्रकार की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी, ताकि आम लोगों का पुलिस पर विश्वास और मजबूत हो सके।