Rakesh Kumar
मानपुर मुफस्सिल थाना क्षेत्र के सिद्धार्थपुरी मोहल्ले में स्वास्थ्य विभाग की एक कर्मी के घर हुई करीब नौ लाख रुपये मूल्य के जेवरात चोरी मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस ने तीन नाबालिग किशोरों को हिरासत में लेने के बाद उनकी निशानदेही पर दो आभूषण कारोबारियों को भी पकड़ा है। जांच में सामने आया है कि चोरी के जेवर खरीदकर उन्हें गलाकर उनका स्वरूप बदल दिया गया था।
पुलिस के अनुसार, वजीरगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में लिपिक के पद पर कार्यरत पूजा उर्फ सुभद्रशना अपने पति विकास कुमार के पास मुंबई गई हुई थीं। उनके पति वहां आर्किटेक्ट इंजीनियर हैं। घर की ऊपरी मंजिल में ताला लगाकर उन्होंने चाबी छिपा दी थी। इसी बीच निचली मंजिल में रहने वाले रिश्ते के मामा के बेटे ने छिपी हुई चाबी ढूंढ निकाली और अपने दो नाबालिग साथियों के साथ मिलकर घर में रखे करीब नौ लाख रुपये के जेवरात चोरी कर लिए। वारदात के बाद तीनों ने दोबारा ताला बंद कर चाबी उसी स्थान पर रख दी, ताकि किसी को चोरी का संदेह न हो।
पूछताछ के दौरान तीनों नाबालिगों ने चोरी की बात स्वीकार कर ली। उनकी निशानदेही पर पुलिस ने जाकनपुर स्थित मधुमति आश्रम के समीप के आभूषण कारोबारी अजित कुमार वर्मा तथा सिद्धार्थपुरी रोड नंबर-1 निवासी ज्वेलर यशवंत सिंह को हिरासत में लिया। आरोप है कि दोनों ने चोरी के जेवर खरीद लिए थे।
मामले के अनुसंधानकर्ता एएसआई कमल किशोर ने बताया कि यशवंत सिंह की दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच में नाबालिगों से जेवर खरीदने और बाद में उन्हें भट्ठी में गलाकर उनका स्वरूप बदलने के साक्ष्य मिले हैं। पुलिस चोरी के जेवरों की बरामदगी और पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी है।
मानपुर मुफस्सिल थानाध्यक्ष देवराज इंद्र ने बताया कि पीड़िता की लिखित शिकायत पर 5 जुलाई को प्राथमिकी दर्ज की गई थी। मामले की जांच एएसआई कमल किशोर को सौंपी गई है। फिलहाल तीनों नाबालिगों और दोनों आभूषण कारोबारियों से पूछताछ जारी है। पुलिस का कहना है कि चोरी के अधिकांश जेवर गलाए जाने की बात सामने आई है और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।