Rakesh Kumar
मगध क्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) विकास वैभव ने बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए बांकेबाजार थाना के थानाध्यक्ष पुअनि मंटु कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। उनके विरुद्ध विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है। जांच में एक पीड़ित व्यक्ति के वाहन को अवैध रूप से थाना परिसर में रखने, विधिसम्मत कार्रवाई नहीं करने तथा वाहन छोड़ने के एवज में विरोधी पक्ष को पैसे दिलाने के लिए दबाव बनाने के आरोप सही पाए गए हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, 20 मई 2026 को भवन निर्माण कार्य से जुड़े ठेकेदार अमरेंद्र पाठक ने आईजी विकास वैभव के सरकारी मोबाइल नंबर पर फोन कर शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में उन्होंने बताया था कि हिसाब-किताब के सिलसिले में बांकेबाजार आने के दौरान कुछ स्थानीय लोगों ने उनके साथ मारपीट की और उनकी टाटा सफारी गाड़ी छीन ली। इसके बाद उन्हें जबरन थाना ले जाया गया।
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि थानाध्यक्ष उनके आवेदन पर कोई कार्रवाई नहीं कर रहे हैं तथा विरोधी पक्ष के पक्ष में काम करते हुए उन पर भारी रकम देने का दबाव बना रहे हैं। साथ ही जबरन सुलह-समझौता कराने का प्रयास किया जा रहा है।
शिकायत मिलने के बाद आईजी ने थानाध्यक्ष को मामले में विधिसम्मत कार्रवाई करने का निर्देश दिया था। हालांकि बाद में शिकायतकर्ता ने दोबारा फोन कर बताया कि उन्हें कोई सहयोग नहीं मिल रहा है और उन पर लगातार समझौते का दबाव बनाया जा रहा है। इसके बाद आईजी ने तत्काल वरीय पुलिस अधीक्षक, गया को मामले की जानकारी देते हुए वरिष्ठ अधिकारी से जांच कराने का निर्देश दिया।
4 जून 2026 को अमरेंद्र पाठक ने आईजी कार्यालय पहुंचकर लिखित आवेदन भी सौंपा। आवेदन में आरोप लगाया गया कि थानाध्यक्ष ने उनके साथ अभद्र व्यवहार और गाली-गलौज की। साथ ही उनकी गाड़ी छोड़ने के लिए 4 लाख रुपये का चेक लाने को कहा गया तथा उनसे और उनके पिता से जबरन समझौता पत्र पर हस्ताक्षर भी कराए गए।
मामले की जांच शेरघाटी-1 के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी द्वारा कराई गई। जांच में शिकायतकर्ता के आरोपों की पुष्टि हुई। जांच रिपोर्ट के अनुसार, वाहन को बिना किसी वैधानिक प्रक्रिया और जप्ती सूची तैयार किए थाना परिसर में रखा गया था। इसके अलावा वाहन छोड़ने के लिए 4 लाख रुपये के चेक से जुड़े समझौते का दबाव बनाए जाने की बात भी सामने आई।
जांच रिपोर्ट के आधार पर आईजी विकास वैभव ने माना कि थानाध्यक्ष को निष्पक्ष एवं कानूनसम्मत कार्रवाई करनी चाहिए थी, लेकिन उन्होंने एक पक्ष के प्रभाव में आकर दूसरे पक्ष पर अनुचित दबाव बनाया। इसे कर्तव्य के प्रति लापरवाही, स्वेच्छाचारिता और संदिग्ध आचरण मानते हुए थानाध्यक्ष मंटु कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर विभागीय कार्यवाही शुरू करने का आदेश दिया गया।
इस कार्रवाई के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है और पूरे मामले की व्यापक चर्चा हो रही है। अधिकारियों का कहना है कि पुलिस व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
(रिपोर्ट : राकेश कुमार /गया जी )