Rakesh Kumar
गया जिले के मोहनपुर प्रखंड में बाराचट्टी विधायक ज्योति मांझी के काफिले पर हमला किए जाने का मामला सामने आया है। विधायक ने इसे सुनियोजित हमला बताते हुए कहा है कि रास्ता रोककर उनके काफिले पर हमला किया गया तथा उन्हें और उनके सुरक्षाकर्मियों के साथ हाथापाई की गई। उन्होंने जान से मारने की कोशिश का भी आरोप लगाया है। घटना का वीडियो भी सामने आया है।
जानकारी के अनुसार विधायक 17 मई को अपने निर्धारित कार्यक्रम के तहत बुमुआर पंचायत के गंभीरा गांव जा रही थीं। आरोप है कि बाराचट्टी प्रशासन उन्हें बिंदा तक सुरक्षित छोड़कर वापस लौट गया। इसी दौरान नदी पार कर गंभीरा गांव जाने वाले रास्ते में सामने से आ रही एक सवारी गाड़ी ने उनके काफिले का रास्ता रोक दिया। विधायक के आवेदन में कहा गया है कि चालक द्वारा कई बार डिपर देने के बावजूद सामने वाले वाहन चालक ने जानबूझकर बीच सड़क पर गाड़ी खड़ी कर दी।
विधायक का कहना है कि जिस गाड़ी ने रास्ता रोका था, उस पर “बाराचट्टी विधायक” लिखा हुआ था और उसमें सुरक्षाकर्मी भी मौजूद थे। इसके बावजूद हमलावरों ने सिस्टम को चुनौती देते हुए हंगामा और हमला किया। आरोप है कि विधायक और उनके अंगरक्षकों के साथ धक्का-मुक्की की गई तथा जातिसूचक गालियां दी गईं। विधायक को गाड़ी से खींचकर उतारने की भी कोशिश की गई।
आवेदन के अनुसार जब अंगरक्षकों ने रास्ता खाली करने का अनुरोध किया तो दूसरी गाड़ी में सवार 15 से 20 लोग उग्र हो गए। आरोप है कि सुरक्षाकर्मियों का कॉलर पकड़कर मारपीट की गई और उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया। हमलावर विधायक की गाड़ी तक पहुंच गए और शीशे पर हमला करते हुए अंदर बैठी विधायक को निशाना बनाया।
घटना के दौरान मौके पर अफरा-तफरी मच गई। विधायक ने बताया कि वह काफी दहशत में आ गई थीं। बाद में स्थानीय ग्रामीणों की मदद से उन्हें, उनके सुरक्षाकर्मियों और सहयोगियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। विधायक ने इस घटना को सामान्य विवाद नहीं बल्कि सुनियोजित जानलेवा हमला बताया है।
विधायक ने अपने आवेदन में यह भी कहा है कि 2025 विधानसभा चुनाव के समय से ही उन पर और उनके समर्थकों पर लगातार हमले होते रहे हैं। प्रशासन को पहले भी कई बार सूचना दी गई, लेकिन हालात में सुधार नहीं हुआ। इस बार उन्होंने घटना से जुड़े वीडियो और तस्वीरें भी साक्ष्य के तौर पर पुलिस को सौंपे हैं।
मामले में पलटु यादव, सुनील यादव, दीपक यादव, सीता यादव, कारु मालाकार, राहुल मालाकार और विक्रम ठाकुर समेत कई लोगों को नामजद आरोपी बनाया गया है। विधायक ने मोहनपुर थाना से पूरे मामले की गंभीर जांच कर सभी आरोपियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
इधर, इस संबंध में अमित जायसवाल ने बताया कि वह स्वयं मौके पर पहुंचकर मामले की जांच कर रहे हैं। उन्होंने विधायक के साथ हुई घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि आवेदन और उपलब्ध वीडियो के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।