Rakesh Kumar
बिहार और झारखंड के बीच रेल संपर्क को मजबूत करने की दिशा में केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। गया और औरंगाबाद क्षेत्र के लिए तीन महत्वपूर्ण रेल परियोजनाओं को मंजूरी मिलने के बाद इलाके में खुशी का माहौल है। लंबे समय से लंबित इन परियोजनाओं के स्वीकृत होने से अब दोनों राज्यों के बीच यातायात और भी सुगम होने की उम्मीद जगी है।
इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद गया, औरंगाबाद तथा झारखंड के कई इलाकों के लोगों को सीधा लाभ मिलेगा। अभी तक इन क्षेत्रों के लोग सड़क मार्ग पर अधिक निर्भर थे, जिससे समय और खर्च दोनों अधिक लगता था।
औरंगाबाद सांसद अभय कुशवाहा ने जानकारी देते हुए बताया कि केंद्र सरकार ने गया-डाल्टेनगंज भाया रफीगंज, गया-बोधगया-चतरा तथा गया-नटेश्वर भाया नालंदा रेल परियोजनाओं को स्वीकृति दे दी है।
उन्होंने बताया कि गया-डाल्टेनगंज भाया रफीगंज रेल लाइन की लंबाई 136.88 किलोमीटर होगी, जिसके लिए 44.26 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। वहीं गया-बोधगया-चतरा रेल परियोजना के लिए 551.75 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं।
गौरतलब है कि गया-डाल्टेनगंज भाया रफीगंज रेल परियोजना का शिलान्यास पूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव ने किया था। हालांकि वर्षों तक यह परियोजना ठंडे बस्ते में पड़ी रही। अब दोबारा मंजूरी मिलने के बाद क्षेत्र के लोगों में नई उम्मीद जगी है कि जल्द निर्माण कार्य शुरू होगा।
इधर, गया जिले के परैया रेलवे स्टेशन से झारखंड के चतरा तक नई ब्रॉडगेज रेल लाइन बिछाने की तैयारी भी शुरू कर दी गई है। रेल मंत्रालय ने इस परियोजना को विशेष रेल परियोजना घोषित करते हुए राजपत्र प्रकाशित कर दिया है।
इस परियोजना के तहत परैया से चतरा तक 75.1 किलोमीटर लंबी नई रेल लाइन बिछाई जाएगी। साथ ही कष्ठा की ओर 4.95 किलोमीटर लंबा वाई कनेक्शन भी बनाया जाएगा।
नई रेल लाइन बनने के बाद परैया रेलवे स्टेशन की अहमियत काफी बढ़ जाएगी। रेलवे सूत्रों के अनुसार परियोजना पूरी होने पर परैया स्टेशन को जंक्शन का दर्जा मिलने की संभावना है। इससे गया और झारखंड के बीच रेल यातायात और अधिक आसान होगा तथा यात्रियों का समय बचेगा।
पूर्व मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी सरस्वती चंद्र ने बताया कि नई रेल लाइन निर्माण को लेकर अब सर्वे का काम शुरू किया जाएगा। इसके बाद विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार होगी। सर्वे के दौरान यह तय किया जाएगा कि किन-किन स्थानों पर नए स्टेशन बनाए जाएंगे और रेल लाइन का अंतिम रूट क्या होगा।
सांसद अभय कुशवाहा ने कहा कि इन रेल परियोजनाओं का सबसे अधिक लाभ गरीबों, मजदूरों, छात्रों और महिलाओं को मिलेगा। उन्होंने कहा कि अब तक इन क्षेत्रों के लोगों को यात्रा के लिए सड़क मार्ग पर निर्भर रहना पड़ता था, लेकिन रेल सेवा शुरू होने से लोगों को सस्ती और सुविधाजनक यात्रा का विकल्प मिलेगा।