Rakesh Kumar
बागेश्वरी गुमटी (लेवल क्रॉसिंग 71ए) पर प्रस्तावित फ्लाईओवर सह पहुंच पथ निर्माण योजना के तहत अधिग्रहित की जाने वाली जमीन को लेकर स्थानीय निवासी एकजुट हो गए हैं। लोगों ने बागेश्वरी रोड में बैनर लगाकर प्रशासन का ध्यान इस ओर आकर्षित किया है। वहीं, एक भूधारी ने जिला भू-अर्जन पदाधिकारी को आपत्ति आवेदन सौंपकर अधिग्रहण प्रक्रिया पर सवाल खड़े किए हैं।
डेल्हा थाना क्षेत्र के बागेश्वरी गुमटी निवासी मनोज कुमार ने आरोप लगाया है कि परियोजना के लिए जारी भूमि अधिग्रहण अधिसूचना में उनकी जमीन को गलत तरीके से बिहार सरकार की भूमि दर्शाया गया है। उन्होंने कहा कि संबंधित जमीन उनकी माता स्वर्गीय भारती देवी के नाम दर्ज है और परिवार वर्षों से वहां निवास करता आ रहा है।
आवेदन में कहा गया है कि भू-अर्जन अधिनियम 2013 की धारा 11(1) के तहत 7 फरवरी 2026 को प्रकाशित अधिसूचना में खाता संख्या 1032 की भूमि को सरकारी बताया गया, जबकि उस जमीन पर परिवार का कब्जा है और नगर निगम को नियमित रूप से कर का भुगतान भी किया जा रहा है।
मनोज कुमार ने यह भी दावा किया कि बागेश्वरी मोहल्ले में नए सर्वे का अंतिम प्रकाशन अब तक नहीं हुआ है। ऐसे में पुराने सर्वे को ही प्रभावी माना जाना चाहिए। उन्होंने पुराने खाता संख्या 16, खेसरा संख्या 6309 तथा नए खाता संख्या 572 और खेसरा संख्या 1791 का उल्लेख करते हुए कहा कि अधिग्रहित की जा रही करीब 100 आर जमीन पर मुआवजे का वैधानिक अधिकार उनके परिवार का बनता है।
भू-स्वामी ने प्रशासन से मांग की है कि जमीन और मकान का पंचाट उनके नाम घोषित कर उचित मुआवजा भुगतान सुनिश्चित किया जाए। आवेदन के साथ उन्होंने केवाला, खतियान, ड्राफ्ट बंदोबस्ती, नगर निगम कर रसीद और वंशावली समेत अन्य दस्तावेज भी संलग्न किए हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि प्रशासन निष्पक्ष जांच कर वास्तविक अभिलेखों के आधार पर निर्णय लेता है, तो प्रभावित परिवारों को न्याय मिल सकेगा। वहीं, फ्लाईओवर परियोजना को लेकर इलाके में चर्चा और विरोध दोनों तेज हो गए हैं।