Rakesh Kumar
गया ज़िले के बोधगया थाना क्षेत्र के रामपुर गांव में ई-रिक्शा चालक उपेंद्र यादव हत्याकांड का पुलिस ने तीसरे दिन खुलासा करते हुए चार महिलाओं समेत सात आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया। रविवार को सभी गिरफ्तार आरोपितों को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया। पुलिस जांच में सामने आया है कि अवैध संबंध के विरोध में योजनाबद्ध तरीके से इस सनसनीखेज हत्या को अंजाम दिया गया था।
गिरफ्तार आरोपितों में रामपुर महादलित टोला निवासी गुलजार मांझी, चंदन मांझी उर्फ नीरू मांझी, विजय मांझी, गीता देवी, सुगंता कुमारी, प्रीति कुमारी और सत्या देवी शामिल हैं। पूछताछ के दौरान आरोपितों ने पुलिस के समक्ष स्वीकार किया कि उपेंद्र यादव का महादलित टोला की एक महिला से अवैध संबंध था। इसी बात को लेकर महिला के परिजनों में लंबे समय से नाराजगी थी और साजिश रचकर हत्या की वारदात को अंजाम दिया गया।
बोधगया एसडीपीओ सौरव जायसवाल ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी के निर्देश पर विशेष टीम का गठन किया गया था। टीम में बोधगया थाना और तकनीकी शाखा के अधिकारियों एवं जवानों को शामिल किया गया। पुलिस ने तकनीकी अनुसंधान, मोबाइल लोकेशन और गुप्त सूचना के आधार पर आरोपितों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी की।
वहीं बोधगया थानाध्यक्ष मनोज कुमार सिंह ने बताया कि मामले में अन्य फरार आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।
गौरतलब है कि गुरुवार की दोपहर रामपुर महादलित टोला स्थित आहर के पिंड पर उपेंद्र यादव का शव बरामद किया गया था। शव पर कई जगह गंभीर चोट के निशान मिले थे, जबकि शरीर का कुछ हिस्सा बुरी तरह झुलसा हुआ था। मामले में मृतक की पत्नी रेखा देवी ने 24 लोगों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज करायी है।
