Rakesh Kumar
मगध क्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक कार्यालय में आयोजित जनसुनवाई के दौरान एक छात्रा की शिकायत पर बड़ी कार्रवाई करते हुए कोंच थाना में पदस्थापित पुलिस अवर निरीक्षक मनोज कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद यह कार्रवाई की गई। वहीं थाना स्तर पर लापरवाही को लेकर थानाध्यक्ष को भी भविष्य के लिए सख्त चेतावनी दी गई है।
जानकारी के अनुसार, आवेदिका शानू कुमारी ने पुलिस महानिरीक्षक विकास वैभव को आवेदन देकर आरोप लगाया था कि कोंच थाना कांड संख्या-67/26 के अनुसंधानकर्ता दारोगा मनोज कुमार उनके दुकान की चाभी और मोबाइल फोन वापस नहीं कर रहे हैं। छात्रा का आरोप था कि दोनों सामान जब्ती सूची में शामिल भी नहीं थे, इसके बावजूद उन्हें अपने पास रखा गया था।
आवेदिका ने यह भी आरोप लगाया कि सामान वापस करने के एवज में दारोगा द्वारा पैसे की मांग की जा रही थी। छात्रा के अनुसार, बीपीएससी परीक्षा पास करने पर मिली 50 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि में से मजबूरीवश 20 हजार रुपये देने पड़े। छात्रा ने बताया कि उनके पिता पिछले ढाई महीने से जेल में बंद हैं, जिसके कारण परिवार की पूरी जिम्मेदारी उन पर है।
मोबाइल फोन नहीं मिलने से उनकी ऑनलाइन पढ़ाई भी प्रभावित हो रही थी।
आईजी कार्यालय के निर्देश पर टिकारी अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी द्वारा मामले की जांच कराई गई। जांच में सामने आया कि दारोगा मनोज कुमार ने अभियोग से संबंधित दो मोबाइल फोन और दुकान की चाभी को विधि-सम्मत प्रक्रिया का पालन किए बिना अपने पास रखा था। इसकी जानकारी न तो जब्ती सूची में दर्ज की गई और न ही न्यायालय को सूचित किया गया।
जांच रिपोर्ट में यह भी पाया गया कि संबंधित सामग्री को दो महीने से अधिक समय तक बिना किसी वैध आदेश के रखा गया। इसके अलावा मोबाइल और चाभी वापस करने के एवज में अवैध राशि मांगने के आरोप में भी अनुसंधानकर्ता का आचरण संदिग्ध और अनुशासनहीन पाया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए आईजी विकास वैभव ने मनोज कुमार को सामान्य जीवन यापन भत्ता पर निलंबित कर दिया। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय पुलिस केंद्र, गया निर्धारित किया गया है।
साथ ही संबंधित कांड की जांच दूसरे पदाधिकारी को सौंपने का निर्देश दिया गया है, ताकि निष्पक्ष अनुसंधान सुनिश्चित हो सके। जांच में थाना स्तर पर जब्त वस्तुओं के रख-रखाव में लापरवाही पाए जाने के बाद कोंच थानाध्यक्ष को भी सख्त चेतावनी जारी की गई है। निर्देश दिया गया है कि बिना विधिवत जब्ती सूची तैयार किए किसी भी वस्तु को थाना में नहीं रखा जाएगा।
आईजी विकास वैभव ने कहा कि पुलिस विभाग में भ्रष्टाचार, कर्तव्यहीनता और मनमानी के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई गई है। आम लोगों का विश्वास बनाए रखने और निष्पक्ष अनुसंधान सुनिश्चित करने के लिए दोषी पुलिसकर्मियों पर आगे भी कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।