Rakesh Kumar
बोधगया(गया )फॉरेस्ट रिसर्च इंस्टीट्यूट देहरादून के वैज्ञानिकों की एक टीम ने बुधवार को महाबोधि मंदिर परिसर स्थित पवित्र बोधि वृक्ष का निरीक्षण किया। टीम में डॉ. शैलेश पांडेय एवं डॉ. संतान बर्थवाल शामिल थे।
वैज्ञानिकों का स्वागत बीटीएमसी की सचिव डॉ. महाश्वेता महारथी, सदस्य डॉ. अरविंद कुमार सिंह, भिक्षु चालिंदा तथा भिक्षु डॉ दीनानंद द्वारा किया गया।
निरीक्षण के दौरान वैज्ञानिकों ने बोधि वृक्ष का विस्तृत परीक्षण किया और पाया कि वृक्ष पूर्णतः स्वस्थ है तथा किसी भी प्रकार के फफूंद रोग से मुक्त है। रख-रखाव के तहत वृक्ष के आसपास की मिट्टी को ढीला कर जड़ों तक बेहतर वायु संचार सुनिश्चित किया गया तथा उचित सिंचाई की गई।
इस दौरान वैज्ञानिकों की देखरेख में बोधि वृक्ष के लिए एक सहायक स्तंभ भी स्थापित किया गया, जिसे थाईलैंड की दीर्घकालीन दानदाता खुन रतना मलीनॉन्ट द्वारा प्रदान किया गया। इस अवसर पर धम्मरत्न फाउंडेशन, थाईलैंड के प्रतिनिधि लेरट्रुथ अक्रापास्पोंग भी उपस्थित रहे।
वैज्ञानिकों ने बताया कि वे बोधगया प्रवास के दौरान वृक्ष के संरक्षण एवं देखभाल के लिए आवश्यक उपाय करते रहेंगे। उल्लेखनीय है कि बीटीएमसी और एफआरआई, देहरादून के बीच बोधि वृक्ष के संरक्षण हेतु एक समझौता ज्ञापन हस्ताक्षरित है, जिसके अंतर्गत वैज्ञानिक प्रत्येक तिमाही में यहां आकर निरीक्षण करते हैं। इसके अतिरिक्त, वर्ष 2036 तक के लिए 10 वर्षों का दीर्घकालीन समझौता भी किया गया है, ताकि बोधि वृक्ष का वैज्ञानिक संरक्षण सुनिश्चित किया जा सके।