Rakesh Kumar
जिले में घरेलू एलपीजी गैस वितरण में लगातार मिल रही शिकायतों के बाद जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए शनिवार को बड़ी कार्रवाई की। जिला पदाधिकारी शशांक शुभंकर के निर्देश पर अनुमंडल पदाधिकारी सदर एवं पुलिस उपाधीक्षक (विधि-व्यवस्था) की संयुक्त टीम ने मानपुर स्थित नारायणी इंडियन गैस एजेंसी और श्याम इंडियन गैस एजेंसी का औचक निरीक्षण किया, जिसमें कई गंभीर अनियमितताएं उजागर हुईं।
निरीक्षण के दौरान नारायणी इंडियन गैस एजेंसी में उपभोक्ताओं ने शिकायत की कि गैस डिलीवरी का मैसेज मिलने के बावजूद उन्हें सिलेंडर नहीं मिला। शिकायतों के आधार पर जिला आपूर्ति पदाधिकारी ने एजेंसी में स्टॉक का मिलान कराया, जिसमें बड़ा घोटाला सामने आया। ऑनलाइन रिकॉर्ड में जहां 363 भरे हुए सिलेंडर दर्ज थे, वहीं मौके पर मात्र 6 सिलेंडर ही पाए गए। इस तरह 357 सिलेंडर गायब मिले। इसके साथ ही खाली सिलेंडरों की संख्या भी रिकॉर्ड से कहीं अधिक 486 पाई गई, जबकि यह संख्या 137 होनी चाहिए थी।
इस गंभीर अनियमितता पर एजेंसी प्रबंधन संतोषजनक जवाब नहीं दे सका। प्रशासन ने इसे गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी का मामला मानते हुए आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 की धारा 7 के तहत अपराध माना और एजेंसी के प्रोपराइटर के खिलाफ बोधगया थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई गई। उल्लेखनीय है कि इससे पहले भी जिला नियंत्रण कक्ष में डिलीवरी मैसेज के बावजूद गैस नहीं मिलने की कई शिकायतें दर्ज हो चुकी थीं।
वहीं, श्याम इंडियन गैस एजेंसी के निरीक्षण में भी अव्यवस्था की स्थिति सामने आई। एजेंसी परिसर में भारी भीड़ और केवाईसी प्रक्रिया में लापरवाही देखी गई। इस पर अनुमंडल पदाधिकारी ने तत्काल अलग काउंटर की व्यवस्था करने का निर्देश दिया। कई उपभोक्ताओं ने यह भी शिकायत की कि गैस बुकिंग के बाद डीएसी नंबर मिलने के बावजूद समय पर डिलीवरी नहीं हो रही है। अधिकारियों ने ऐसे सभी लंबित मामलों में 24 घंटे के भीतर गैस आपूर्ति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
निरीक्षण के दौरान यह भी सामने आया कि गैस बुकिंग में तकनीकी समस्याएं हैं और एजेंसी प्रबंधन उपभोक्ताओं के फोन कॉल तक रिसीव नहीं कर रहा। इस पर अधिकारियों ने कड़ी नाराजगी जताते हुए स्पष्ट निर्देश दिया कि उपभोक्ताओं की शिकायतों का त्वरित समाधान किया जाए और कॉल रिसीव करना अनिवार्य रूप से सुनिश्चित किया जाए।
अनुमंडल पदाधिकारी ने चेतावनी दी कि गैस वितरण में लापरवाही या कालाबाजारी की किसी भी शिकायत पर संबंधित एजेंसियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही सभी उपभोक्ताओं को समय पर होम डिलीवरी के माध्यम से गैस उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है, ताकि उन्हें गोदाम तक जाने की जरूरत न पड़े।
प्रशासन की इस कार्रवाई से जहां उपभोक्ताओं में राहत की उम्मीद जगी है, वहीं जिले की अन्य गैस एजेंसियों में भी हड़कंप मच गया है।