मोबाइल गेम का खौफनाक नशा: फ्री फायर खेल रहे नाबालिगों ने बुजुर्ग को पीट-पीटकर मार डाला
Rakesh Kumar
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गया जी : बिहार के गयाजी में मोबाइल गेम ‘फ्री फायर’ का नशा एक बुजुर्ग की जान ले बैठा। विष्णुपद थाना क्षेत्र के संगम गली में महज़ इतना कसूर था कि 60 वर्षीय अर्जुन मांझी ने रात के वक्त हंगामा कर रहे लड़कों को टोका—और इसी बात पर चार नाबालिगों ने मिलकर उनकी बेरहमी से पिटाई कर दी, जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, मोहल्ले में देर रात कुछ किशोर मोबाइल पर फ्री फायर गेम खेलने में इस कदर मशगूल थे कि आसपास के लोगों को हो रही परेशानी की उन्हें कोई परवाह नहीं थी। घर के पास शोरगुल से परेशान अर्जुन मांझी ने जब उन्हें समझाने की कोशिश की, तो बात इतनी बढ़ गई कि चारों किशोर उन पर टूट पड़े। धक्का-मुक्की और मारपीट के दौरान बुजुर्ग के सिर में गंभीर चोट लगी और उन्होंने मौके पर ही दम तोड़ दिया।

घटना की सूचना मिलते ही विष्णुपद थाना की पुलिस मौके पर पहुंची और त्वरित कार्रवाई करते हुए दो नाबालिग आरोपियों को हिरासत में ले लिया, जबकि दो अन्य फरार बताए जा रहे हैं। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेज दिया है।


विष्णुपद थानाध्यक्ष परमानंद लाल कर्ण ने बताया,“इस तरह की एक गंभीर घटना सामने आई है। दो आरोपियों को पकड़ लिया गया है, अन्य की तलाश जारी है। मामले में कानून के अनुसार कार्रवाई की जा रही है।”


मृतक अर्जुन मांझी पेशे से राजमिस्त्री थे और अपने परिवार का पालन-पोषण करते थे। मृतक की बड़ी बहू रिंकी देवी ने बताया कि मोहल्ले में ये लड़के दिन-रात मोबाइल पर फ्री फायर गेम खेलते रहते थे।

“कल रात मेरे ससुर ने सिर्फ उन्हें खेलने से मना किया था, लेकिन चारों ने मिलकर उन्हें धक्का दिया, मारा-पीटा। सिर में गंभीर चोट लगने से उनकी जान चली गई। डॉक्टरों ने अस्पताल ले जाने पर मृत घोषित कर दिया,” उन्होंने कहा।

इस घटना ने एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं कि मोबाइल गेम्स का बढ़ता नशा किस कदर जानलेवा साबित हो सकता है, और नाबालिगों पर डिजिटल कंटेंट की निगरानी कितनी ज़रूरी हो गई है। मोहल्ले में दहशत का माहौल है और परिजन गहरे सदमे में हैं।


(रिपोर्ट : राकेश कुमार / गया जी )

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