'भावनाओं को कृष्णाक्षर देने वाली कृति अरविंद कुमार की ‘आदमी बुरा तो नहीं था’ का भव्य विमोचन
Rakesh Kumar
1429



गया जी : आज़ाद पार्क स्थित गया जिला हिन्दी साहित्य सम्मेलन के डॉ. मंजूकरण सभागार में लेखक व कवि अरविंद कुमार के काव्य संग्रह “आदमी बुरा तो नहीं था” का भव्य विमोचन समारोह आयोजित किया गया। समारोह की अध्यक्षता सम्मेलन के सभापति सुरेंद्र सिंह ‘सुरेंद्र’ ने की, जबकि मंच संचालन डॉ. नरेंद्र देव द्वारा किया गया।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में दक्षिण बिहार केंद्रीय विश्वविद्यालय के शिक्षा विभागाध्यक्ष प्रोफेसर (डॉ.) रविकांत प्रसाद उपस्थित रहे। विशिष्ट अतिथियों में अरवल के जिला शिक्षा पदाधिकारी असगर आलम खान, मुजफ्फरपुर से पधारे सुप्रसिद्ध चित्रकार गोपाल फलक तथा भोजपुर से आए साहित्यकार डॉ. शशिकांत शर्मा शामिल थे।


कार्यक्रम का शुभारंभ दीपक कुमार द्वारा प्रस्तुत सरस्वती वंदना से हुआ। इसके पश्चात सम्मेलन के महामंत्री सुमंत ने स्वागत भाषण देते हुए काव्य संग्रह “आदमी बुरा तो नहीं था” की रचना-प्रक्रिया और पृष्ठभूमि पर प्रकाश डाला।

मुख्य अतिथि प्रो. रविकांत प्रसाद ने पुस्तक में संकलित जीवन के विविध रंगों को समेटे ग़ज़लों, नज़्मों और कविताओं की सराहना करते हुए कहा कि यह काव्य संग्रह जीवन दर्शन और जीवन की सच्चाइयों का सुंदर प्रतिबिंब प्रस्तुत करता है। उन्होंने कहा कि कवि ने भाव और विचार के संतुलन के साथ सशक्त काव्य सृजन किया है।


चित्रकार गोपाल फलक ने कहा कि “एक अच्छे आदमी ने ‘आदमी बुरा तो नहीं था’ जैसी सशक्त कृति की रचना की है।” उन्होंने रचनाओं को जीवन के बेहद करीब बताते हुए कहा कि इनमें ज़िंदगी का हुनर, कौशल और सहजता झलकती है।


डॉ. शशिकांत शर्मा ने कवि अरविंद कुमार को एक उम्दा ग़ज़लगो बताते हुए कहा कि उनकी गद्य रचनाएं भी पाठकों को आकर्षित करती हैं। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि मीनामंच, निपुण जैसे शैक्षणिक संदर्भों पर लिखी कविताएं साहित्य के क्षेत्र में अनोखा योगदान हैं।

इस अवसर पर कवि अरविंद कुमार ने अपने वक्तव्य में कहा कि “कविताएं भावनाओं की अतिरेक से बाहर निकलकर जन्म लेती हैं। मैंने भावनाओं को ही कृष्णाक्षर रूप दिया है।” उन्होंने बताया कि यह उनकी सातवीं पुस्तक है, जिसमें कुल 68 कविताएं संकलित हैं और इसका विस्तार 112 पृष्ठों में है। कवि ने यह भी साझा किया कि यह पुस्तक उन्होंने अपनी बेटी डॉ. निश्चय केशरी की प्रेरणा से लिखी है और इसे उन्हीं को समर्पित किया है। इस अवसर पर उन्होंने पुस्तक से तीन प्रतिनिधि कविताओं का पाठ भी किया।


अरवल के जिला शिक्षा पदाधिकारी असगर आलम खान ने कहा कि अरविंद कुमार राज्य स्तर पर साहित्य के क्षेत्र में एक बड़ा नाम बनकर उभर रहे हैं और यह गया जिले के लिए गर्व की बात है।


पुस्तक समीक्षा के क्रम में जितेंद्र कुमार, डॉ. शशिकांत शर्मा, असगर आलम खान, गोपाल फलक, प्रो. रविकांत प्रसाद तथा सुरेंद्र सिंह ‘सुरेंद्र’ ने अपने विचार व्यक्त किए।


विमोचन समारोह में बड़ी संख्या में शिक्षक, शिक्षाविद और साहित्यकार उपस्थित रहे, जिनमें प्रमुख रूप से डॉ. अनिल कुमार गुप्ता, बीरेंद्र देव, प्रेम शंकर केशरी, डॉ. अनुज कुमार, उषा रानी, आरती, उदय सिंह, मुद्रिका सिंह, जनाब जैक, सूर्य प्रकाश, डॉ. राम परीखा सिंह, फ़ैसल रहमानी, बैजनाथ कुमार, कुंदन कुमार मस्ताना, बिंदेश्वर प्रसाद सिंह, राजेश कुमार सिन्हा सहित अनेक गणमान्य लोग शामिल थे।

कार्यक्रम के अंत में सम्मेलन के उपसभापति अरुण हरलीवाल ने सभी आगंतुकों, अतिथियों और सहभागियों के प्रति धन्यवाद ज्ञापन किया।

Advertisment

9431256550 Call For
Advertisment
Weather

GAYA
Powered By NETMAT INFOTECH