Rakesh Kumar
जिला पदाधिकारी शशांक शुभंकर के निर्देश के आलोक में अपर समाहर्ता (विधि व्यवस्था) मोहम्मद शफीक की अध्यक्षता में मंगलवार को समाहरणालय सभागार में जिले के सभी घरेलू गैस एजेंसियों के प्रतिनिधियों, सभी अनुमंडल पदाधिकारियों तथा मार्केटिंग अधिकारियों के साथ बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले में एलपीजी गैस की उपलब्धता, आपूर्ति व्यवस्था तथा बढ़ती मांग की स्थिति की समीक्षा की गई।
बैठक में विभिन्न गैस कंपनियों के प्रतिनिधियों द्वारा बताया गया कि गया जिले में घरेलू एलपीजी सिलेंडरों की किसी प्रकार की कमी नहीं है और वर्तमान में आपूर्ति सामान्य रूप से जारी है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के कारण पूरे देश में 7 मार्च 2026 से 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर के मूल्य में ₹60 की वृद्धि की गई है। साथ ही गैस रीफिलिंग की बुकिंग की न्यूनतम अवधि को 15 दिन से बढ़ाकर 25 दिन कर दिया गया है। इसके अतिरिक्त आवश्यक सेवा अनुरक्षण अधिनियम (एस्मा) के अंतर्गत एलपीजी सिलेंडरों की आपूर्ति को भी शामिल किया गया है, ताकि इसकी आपूर्ति बाधित न हो।
बैठक में यह भी बताया गया कि एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग मोबाइल, ऑनलाइन माध्यम से या गैस एजेंसी पर जाकर कराई जा सकती है। बुकिंग के बाद प्राप्त ओटीपी के माध्यम से उपभोक्ता आसानी से गैस सिलेंडर प्राप्त कर सकते हैं। प्रशासन ने इसे सरल और सुविधाजनक प्रक्रिया बताया।
अधिकारियों ने कहा कि एलपीजी सिलेंडरों की कमी को लेकर फैल रही अफवाहों के कारण उपभोक्ताओं में अचानक मांग बढ़ गई है। इस असामान्य मांग के कारण कुछ वितरकों के पास अस्थायी रूप से स्टॉक समाप्त हो जा रहा है, हालांकि थोड़े समय बाद ही इसकी आपूर्ति फिर से हो जा रही है।
जिला प्रशासन के अनुसार वर्तमान स्टॉक और बॉटलिंग प्लांट से मिल रही आपूर्ति के आधार पर जिले में पर्याप्त मात्रा में एलपीजी उपलब्ध है और तत्काल किसी आपूर्ति संकट की संभावना नहीं है। एलपीजी की आपूर्ति को सुचारू बनाए रखने तथा कालाबाजारी और जमाखोरी पर रोक लगाने के लिए सभी प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी, थाना अध्यक्ष और संबंधित अधिकारी लगातार वितरण व्यवस्था की निगरानी कर रहे हैं। किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
जिला प्रशासन ने आम उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और घबराकर अतिरिक्त सिलेंडर लेने की आवश्यकता नहीं है। प्रशासन द्वारा स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और उपभोक्ताओं को नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।