Rakesh Kumar
गया जिले के बाराचट्टी थाना क्षेत्र से एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है, जहां शराब के नशे में धुत एक पति ने अपनी ही पत्नी की गला दबाकर हत्या कर दी। हत्या के बाद आरोपी ने साजिशन जहर खाने की झूठी कहानी गढ़ते हुए मृतका के पिता को फोन किया और फिर माता-पिता के साथ फरार हो गया। घर में मां की लाश के पास रोते-बिलखते रहे दो मासूम बेटे इस वारदात की सबसे दर्दनाक तस्वीर बन गए।
घटना बाराचट्टी थाना क्षेत्र के तेतरिया गांव की है। मृतका की पहचान मधु देवी (28 वर्ष) के रूप में हुई है, जिसकी शादी 11 साल पहले विष्णु देव (34) से हुई थी। शनिवार की रात पति-पत्नी के बीच शराब को लेकर विवाद हुआ।
परिजनों के अनुसार, आरोपी पति शराब पीने के लिए 200 रुपए मांग रहा था। पत्नी द्वारा पैसे देने से इनकार करने पर पहले बेरहमी से पिटाई की गई और फिर गला दबाकर उसकी हत्या कर दी गई।
हत्या के बाद आरोपी पति ने सुबह करीब पांच बजे अपने ससुर राम बालक मिस्त्री को फोन कर कहा कि “आपकी बेटी ने जहर खा लिया है, उसकी मौत हो गई।” जब मायके वाले तेतरिया गांव पहुंचे, तो सच्चाई कुछ और ही निकली। घर में मधु देवी की लाश पड़ी थी और बगल में उसके दो बेटे—9 और 11 साल के—मां को उठाने की कोशिश करते हुए रो रहे थे। इस बीच आरोपी पति अपने माता-पिता के साथ फरार हो चुका था।
मृतका के पिता राम बालक मिस्त्री, जो मोहनपुर थाना क्षेत्र के ग्राम लय के निवासी हैं, ने दामाद और उसके परिवार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने बताया कि बेटी की शादी के लिए उन्होंने अपनी पांच कट्ठा जमीन बेच दी थी। तिलक में स्प्लेंडर बाइक भी दी गई थी, लेकिन इसके बावजूद दहेज की मांग खत्म नहीं हुई। अब आरोपी पक्ष अपाचे बाइक की मांग कर रहा था।
राम बालक मिस्त्री का दर्द छलक पड़ा—
“खेत-जमीन बेचकर 11 साल पहले बेटी की शादी की थी। अब तक कर्जा नहीं उतरा। दामाद मेरी बेटी को हर दिन मारता था।”
रविवार को महिला के शव का पोस्टमॉर्टम मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल में कराया गया। अस्पताल परिसर में परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल रहा। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर मामले में प्राथमिकी दर्ज कर ली है।
बाराचट्टी थानाध्यक्ष अमरेंद्र किशोर ने बताया कि दहेज हत्या सहित अन्य धाराओं में केस दर्ज किया गया है। आरोपी पति फरार है और उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। पुलिस हर बिंदु पर जांच कर रही है।
यह घटना एक बार फिर सवाल खड़े करती है कि आखिर कब तक शराब और दहेज की भूख में बेटियां अपनी जान गंवाती रहेंगी, और कब तक कानून का डर ऐसे हैवानों को रोक पाएगा।