गयाजी में पितृपक्ष मेले संग बीजेपी का चुनावी महायज्ञ 17 सितंबर को पीएम मोदी का पिंडदान और रोड शो संभावित
Rakesh Kumar
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गया जी : गयाजी शहर इस बार पितृपक्ष मेले के साथ-साथ राजनीतिक संग्राम का भी केंद्र बनने जा रहा है। 6 सितंबर से शुरू हो रहे पितृपक्ष मेले के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 17 सितंबर को गयाजी पहुंच सकते हैं। वे जहां अपने पितरों का पिंडदान करेंगे, वहीं विधानसभा चुनाव से ठीक पहले रोड शो कर भाजपा के पक्ष में माहौल बनाने की कोशिश भी करेंगे।




हालांकि उनके कार्यक्रम की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में इसे तय माना जा रहा है। चर्चा यह भी है कि पीएम मोदी गयाजी में रात्रि विश्राम कर सकते हैं, जिससे इस धार्मिक यात्रा का राजनीतिक प्रभाव और गहरा होगा।

धार्मिक आस्था और चुनावी रणनीति का मेल

पितृपक्ष मेले में देश-दुनिया से लाखों श्रद्धालु जुटते हैं। ऐसे समय में मोदी का गयाजी आना सीधे तौर पर धार्मिक आस्था को चुनावी रणनीति से जोड़ने की कवायद माना जा रहा है। भाजपा इसे "धर्मनगरी से जनता का आशीर्वाद" अभियान के रूप में पेश करने की तैयारी में है। पार्टी मान रही है कि मोदी का पिंडदान और रोड शो, दोनों ही भावनात्मक और राजनीतिक असर डालेंगे।

चुनावी सौगातों की झड़ी

पीएम मोदी 17 सितंबर को गयाजी आने से पहले बिहार को बड़े प्रोजेक्ट की सौगात देंगे। उस दिन वे पूर्णिया एयरपोर्ट और पटना मेट्रो का उद्घाटन करेंगे। वहीं 2 सितंबर को भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए रेल, सड़क और अन्य विकास योजनाओं का शिलान्यास करेंगे। भाजपा इसे विकास बनाम वंशवाद की राजनीति से जोड़कर जनता के बीच ले जाने की रणनीति बना रही है।

हालिया दौरों से मिला संकेत

22 अगस्त को भी पीएम मोदी गयाजी पहुंचे थे और 13 हजार करोड़ की परियोजनाओं का उद्घाटन किया था। अब एक महीने के भीतर दूसरी बार गया आने की तैयारी इस बात का संकेत है कि भाजपा इस बार चुनावी लड़ाई का केंद्र गया और मगध क्षेत्र को बना रही है।

विपक्ष की नजर

इधर राजद-जदयू गठबंधन मोदी के धार्मिक-राजनीतिक दौरे को "चुनावी स्टंट" बताने की तैयारी कर रहा है। विपक्ष का तर्क है कि धार्मिक भावना को भुनाकर भाजपा चुनावी लाभ लेना चाहती है।

लेकिन भाजपा का मानना है कि मोदी के पितृपक्ष में पिंडदान करने से उनकी "धरती से जुड़ी" छवि और मजबूत होगी, और बिहार चुनाव में यह भावनात्मक रूप से निर्णायक असर डाल सकता है।

कुल मिलाकर, 17 सितंबर का मोदी दौरा गयाजी के लिए सिर्फ धार्मिक आयोजन नहीं बल्कि बिहार की सियासत का अहम पड़ाव बनने वाला है।

(रिपोर्ट : राकेश कुमार / गया जी )

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