Rakesh Kumar
गया जी । साइबर अपराधियों ने एक बार फिर जिला प्रशासन को निशाना बनाया है। सोमवार की शाम साइबर गिरोह से जुड़े अपराधियों ने गया के उप विकास आयुक्त (डीडीसी) शैलेश कुमार दास का मोबाइल फोन हैक कर लिया और उनके व्हाट्सएप अकाउंट से जिले के कई वरीय अधिकारियों को रुपये भेजने संबंधी फर्जी संदेश भेजने शुरू कर दिए। घटना से प्रशासनिक महकमे में कुछ देर के लिए हड़कंप मच गया।
संयोग से यह घटना उस समय हुई, जब जिलाधिकारी शशांक शुभंकर कलेक्ट्रेट में वरीय अधिकारियों के साथ बैठक कर रहे थे। बैठक के दौरान एक साथ कई अधिकारियों के मोबाइल फोन पर डीडीसी के व्हाट्सएप नंबर से रुपये मांगने वाले संदेश आने लगे। इसके बाद अधिकारियों के बीच इसको लेकर चर्चा शुरू हो गई।
संदेश मिलने पर अधिकारियों को शक हुआ और उन्होंने तत्काल दूसरे मोबाइल नंबर से डीडीसी शैलेश कुमार दास से संपर्क किया। बातचीत के दौरान पूरे मामले की सच्चाई सामने आ गई। डीडीसी ने अधिकारियों को बताया कि उनका मोबाइल फोन हैक हो गया है और उनके व्हाट्सएप से भेजे जा रहे किसी भी संदेश पर विश्वास न करें।
मामले को गंभीरता से लेते हुए डीडीसी ने तुरंत सिविल लाइंस थाना प्रभारी शमीम अहमद से संपर्क किया। सूचना मिलते ही पुलिस सक्रिय हो गई और साइबर ठगी के इस मामले की जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि अपराधियों ने किस तरीके से मोबाइल और व्हाट्सएप अकाउंट को हैक किया।
गौरतलब है कि कुछ दिन पूर्व साइबर अपराधियों ने जिलाधिकारी शशांक शुभंकर के मोबाइल फोन को भी निशाना बनाया था। उस समय डीएम के नाम से डीडीसी, एडीएम और विभिन्न अनुमंडल पदाधिकारियों को रुपये भेजने के लिए संदेश भेजे गए थे। हालांकि अधिकारियों की सतर्कता के कारण साइबर अपराधियों की साजिश सफल नहीं हो सकी थी।
लगातार प्रशासनिक अधिकारियों के मोबाइल और सोशल मीडिया अकाउंट को निशाना बनाए जाने की घटनाओं ने साइबर सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अधिकारी, परिचित या रिश्तेदार के नाम से रुपये मांगने वाला संदेश मिलने पर उसकी सत्यता की पुष्टि अवश्य करें और बिना जांच-पड़ताल के किसी भी खाते में राशि न भेजें।