Rakesh Kumar
बिहार के गया अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा से संचालित होने वाली अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर 20 अप्रैल से अस्थायी रूप से ब्रेक लगने जा रहा है। समर सीजन की शुरुआत के साथ ही म्यांमार और थाईलैंड के लिए उड़ान भरने वाली प्रमुख एयरलाइंस अपनी सेवाएं बंद करने जा रही हैं, जिससे विदेशी यात्रियों और पर्यटन उद्योग पर प्रतिकूल असर पड़ने की आशंका बढ़ गई है।
जानकारी के अनुसार, म्यांमार नेशनल एयरवेज की फ्लाइट, जो अलग-अलग दिनों में रंगून (यांगून) के लिए संचालित होती थी, 20 अप्रैल से बंद हो जाएगी। इसके अलावा म्यांमार नेशनल एयरलाइन्स की सेवा भी स्थगित कर दी जाएगी, जो सप्ताह में चार दिन गया से यांगून के लिए उड़ान भरती थी। वहीं थाई एयरवेज की बैंकॉक के लिए प्रतिदिन दोपहर 1:30 बजे उड़ान भरने वाली फ्लाइट भी इसी तारीख से बंद हो जाएगी।
इन सेवाओं के बंद होने से गया से अंतरराष्ट्रीय यात्रा करने वाले यात्रियों को अब अन्य शहरों के हवाई अड्डों पर निर्भर रहना पड़ेगा, जिससे उन्हें अतिरिक्त समय और खर्च वहन करना पड़ेगा।
पर्यटन व्यवसाय से जुड़े लोगों का कहना है कि बोधगया विश्व प्रसिद्ध बौद्ध तीर्थ स्थल है, जहां म्यांमार, थाईलैंड सहित कई देशों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक हर वर्ष आते हैं। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के बंद होने से पर्यटकों की आवाजाही प्रभावित होगी और इसका सीधा असर होटल, ट्रैवल एजेंसियों तथा स्थानीय कारोबार पर पड़ेगा।
स्थानीय लोगों और पर्यटन क्षेत्र से जुड़े संगठनों ने सरकार से मांग की है कि अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की जल्द बहाली सुनिश्चित की जाए, ताकि गया और बोधगया की अंतरराष्ट्रीय पहचान और पर्यटन आधारित अर्थव्यवस्था को नुकसान से बचाया जा सके।