गैस आपूर्ति को लेकर ज़िला प्रशासन अलर्ट, नियंत्रण कक्ष से लेकर छापेमारी तक सख्त इंतजाम
Rakesh Kumar
2038

गया जी। मध्य पूर्व में जारी युद्ध और बढ़ते तनाव के कारण वैश्विक स्तर पर गैस एवं पेट्रोलियम पदार्थों की आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका के बीच गया जिला प्रशासन ने समय रहते एहतियाती कदम उठाते हुए पूरी व्यवस्था को अलर्ट मोड पर डाल दिया है। मंगलवार को आयोजित प्रेस ब्रीफिंग में जिला आपूर्ति पदाधिकारी अशोक कुमार चौधरी ने स्पष्ट किया कि हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है और किसी भी संभावित संकट से निपटने के लिए प्रशासन पूरी तरह तैयार है।

उन्होंने बताया कि जिले में गैस आपूर्ति का दायरा काफी बड़ा है और वर्तमान में 68 एजेंसियों के माध्यम से 7 लाख 83 हजार से अधिक उपभोक्ताओं तक रसोई गैस पहुंचाई जा रही है। इनमें भारत पेट्रोलियम, इंडियन ऑयल और हिंदुस्तान पेट्रोलियम जैसी प्रमुख कंपनियों के उपभोक्ता शामिल हैं। इतनी बड़ी संख्या के कारण आपूर्ति व्यवस्था को सुचारू बनाए रखना अपने आप में चुनौती है, खासकर ऐसे समय में जब अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियां अस्थिर हों।


प्रेस ब्रीफिंग में यह भी सामने आया कि फिलहाल जिले में 57 हजार से अधिक गैस बुकिंग लंबित हैं। हालांकि प्रशासन का कहना है कि यह स्थिति असामान्य नहीं है और पिछले 30 दिनों में औसतन प्रतिदिन हजारों सिलेंडरों की डिलीवरी की गई है। लंबित बुकिंग को जल्द से जल्द निपटाने के लिए सभी एजेंसियों को निर्देशित किया गया है और वितरण प्रक्रिया को तेज किया जा रहा है, ताकि उपभोक्ताओं को अधिक प्रतीक्षा न करनी पड़े।

आपूर्ति व्यवस्था को संतुलित बनाए रखने के लिए प्रशासन ने ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के लिए अलग-अलग समय-सीमा तय की है। इसके तहत ग्रामीण क्षेत्रों में अपेक्षाकृत लंबा अंतराल रखते हुए 45 दिनों के भीतर और शहरी क्षेत्रों में 25 दिनों के भीतर गैस आपूर्ति सुनिश्चित करने की व्यवस्था बनाई गई है। अधिकारियों का मानना है कि इस प्रणाली से उपलब्ध संसाधनों का बेहतर प्रबंधन हो सकेगा और किसी एक क्षेत्र पर अतिरिक्त दबाव नहीं पड़ेगा।

उपभोक्ताओं की शिकायतों और समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए जिला स्तर पर एक नियंत्रण कक्ष भी स्थापित किया गया है, जहां से प्राप्त शिकायतों की निगरानी कर संबंधित एजेंसियों को तत्काल कार्रवाई के लिए निर्देश दिए जा रहे हैं। इसके साथ ही प्रशासन ने विभिन्न स्तरों पर जांच टीमों का गठन कर दिया है, जिनमें नगर निगम के अधिकारी, दंडाधिकारी और आपूर्ति विभाग के कर्मी शामिल हैं। ये टीमें लगातार गैस एजेंसियों का निरीक्षण कर रही हैं, ताकि कहीं भी कालाबाजारी, जमाखोरी या घरेलू गैस के व्यावसायिक उपयोग जैसी अनियमितताएं न हो सकें।

प्रशासनिक सक्रियता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि 17 मार्च को ही जिले की सभी गैस एजेंसियों की व्यापक जांच की गई और यह अभियान आगे भी जारी रखने का निर्णय लिया गया है। अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वे उपभोक्ताओं की समस्याओं का तत्काल समाधान सुनिश्चित करें और वितरण प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता बनाए रखें। किसी भी तरह की लापरवाही या शिकायत मिलने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।

इस बीच प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि जिले में गैस सिलेंडरों का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और फिलहाल किसी प्रकार की कमी की स्थिति नहीं है। एजेंसियों के पास भरे हुए सिलेंडरों की उपलब्धता को देखते हुए अधिकारियों ने भरोसा जताया है कि आपूर्ति श्रृंखला सामान्य बनी रहेगी।

अंत में जिला प्रशासन ने आम लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और अनावश्यक रूप से घबराकर अतिरिक्त गैस बुकिंग या भंडारण करने से बचें। प्रशासन का कहना है कि सभी उपभोक्ताओं को निर्धारित समय के भीतर होम डिलीवरी के माध्यम से गैस उपलब्ध कराई जाएगी।

कुल मिलाकर, संभावित संकट की आशंका के बीच गया जिला प्रशासन ने जिस तरह से अग्रिम तैयारी और सख्त निगरानी व्यवस्था लागू की है, उससे यह संकेत मिलता है कि हालात पर पूरी तरह नियंत्रण बनाए रखने की कोशिश की जा रही है और आम जनता को राहत देने के लिए हर संभव कदम उठाए जा रहे हैं।

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