Rakesh Kumar
विष्णुपद मंदिर क्षेत्र में प्रस्तावित विष्णुपद कॉरिडोर निर्माण को लेकर प्रशासनिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। कॉरिडोर निर्माण की दिशा में अब क्षेत्र के मकानों को चिह्नित करने का कार्य शुरू कर दिया गया है। इससे यह संकेत मिल रहा है कि प्रशासन जल्द ही इस महत्वाकांक्षी योजना को धरातल पर उतारने की तैयारी में जुट गया है।
सूत्रों के अनुसार, कॉरिडोर निर्माण से संबंधित गजट भी शीघ्र जारी किया जा सकता है, जिसके बाद योजना को औपचारिक स्वरूप मिल जाएगा। हालांकि, मकानों की पहचान की प्रक्रिया शुरू होते ही स्थानीय लोगों के बीच असमंजस और चिंता का माहौल बन गया है।
विशेष रूप से विष्णुपद मंदिर के पश्चिम स्थित करसिल्ली मोहल्ला के निवासी इसको लेकर अधिक चिंतित नजर आ रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन की ओर से अब तक कोई स्पष्ट गाइडलाइन या विस्तृत नक्शा सार्वजनिक नहीं किया गया है, जिससे यह स्पष्ट हो सके कि कॉरिडोर का दायरा कहां तक होगा और किन-किन मकानों को इसके अंतर्गत शामिल किया जाएगा।
लोगों का कहना है कि बिना स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए मकानों को चिह्नित करने की प्रक्रिया शुरू करना उचित नहीं है। प्रभावित परिवारों का मानना है कि पहले प्रशासन को योजना का विस्तृत खाका सार्वजनिक करना चाहिए था, ताकि लोग स्थिति को समझकर आगे की तैयारी कर सकें।
वहीं, स्थानीय लोगों के बीच मुआवजा और पुनर्वास को लेकर भी कई तरह की आशंकाएं बनी हुई हैं। लोगों का कहना है कि यदि उनके मकान कॉरिडोर के दायरे में आते हैं तो उन्हें कितना मुआवजा मिलेगा और पुनर्वास की क्या व्यवस्था होगी, इसको लेकर अब तक प्रशासन की ओर से कोई स्पष्ट जानकारी साझा नहीं की गई है।
हालांकि, प्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि विष्णुपद कॉरिडोर निर्माण से जुड़ी सभी आवश्यक प्रक्रियाएं चरणबद्ध तरीके से पूरी की जा रही हैं। माना जा रहा है कि गजट जारी होने के बाद योजना की रूपरेखा और प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति अधिक स्पष्ट हो सकेगी।
एक ओर जहां विष्णुपद क्षेत्र में प्रस्तावित कॉरिडोर को लेकर विकास और पर्यटन विस्तार की उम्मीदें जताई जा रही हैं, वहीं दूसरी ओर स्पष्ट गाइडलाइन के अभाव में स्थानीय लोगों के बीच अनिश्चितता और चिंता का माहौल भी लगातार गहराता जा रहा है।