Rakesh Kumar
बिहार की सियासत में आने वाले चुनावों की आहट के बीच मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गया की जनसभा से विकास और रोजगार को केंद्र में रखकर बड़ा राजनीतिक संदेश दिया। उन्होंने अपने दो दशक के शासनकाल की उपलब्धियों का विस्तार से जिक्र करते हुए साफ किया कि अब सरकार का लक्ष्य अगले पांच वर्षों में आय और रोजगार को दोगुना करना है।
कानून-व्यवस्था पर जोर, “डर का माहौल खत्म”
मुख्यमंत्री ने 2005 से पहले और उसके बाद के बिहार की तुलना करते हुए कहा कि पहले राज्य में भय और अव्यवस्था का माहौल था, लेकिन एनडीए सरकार बनने के बाद कानून का राज स्थापित हुआ। उन्होंने कहा कि अब सामाजिक सौहार्द और शांति का वातावरण बना है, जिससे विकास को गति मिली है।
शिक्षा में विस्तार, लाखों शिक्षकों की बहाली
शिक्षा क्षेत्र को अपनी सरकार की प्रमुख उपलब्धियों में गिनाते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बड़े पैमाने पर स्कूल खोले गए और शिक्षकों की नियुक्ति की गई। उन्होंने बताया कि राज्य में 5.24 लाख शिक्षक कार्यरत हैं और 45 हजार नए शिक्षकों की बहाली प्रक्रिया में है। साइकिल और पोशाक जैसी योजनाओं से छात्र-छात्राओं की भागीदारी बढ़ी है।
स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार, मेडिकल कॉलेज दोगुने
स्वास्थ्य व्यवस्था में बदलाव का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में मरीजों की संख्या बेहद कम थी, लेकिन अब इसमें भारी बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने बताया कि मेडिकल कॉलेजों की संख्या 6 से बढ़कर 12 हो गई है और जल्द ही इसे और बढ़ाया जाएगा। पीएमसीएच को 5400 बेड का विश्वस्तरीय अस्पताल बनाने की योजना पर भी काम चल रहा है।
बुनियादी ढांचा और कनेक्टिविटी में तेजी
मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़कों और आधारभूत संरचना के विकास से राज्य की तस्वीर बदली है। उन्होंने लक्ष्य रखा कि राज्य के किसी भी हिस्से से पटना तक पहुंचने में अधिकतम पांच घंटे का समय लगे। कृषि और मछली उत्पादन में भी आत्मनिर्भरता की दिशा में प्रगति का दावा किया गया।
बिजली, पानी और सोलर पर फोकस
“सात निश्चय-2” का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि हर घर तक बिजली पहुंचाई गई है और 125 यूनिट तक मुफ्त बिजली दी जा रही है। साथ ही 50 लाख घरों में सोलर लगाने की योजना पर काम चल रहा है, जिससे ऊर्जा क्षेत्र में नई दिशा मिलेगी।
रोजगार पर बड़ा वादा: एक करोड़ युवाओं को अवसर
रोजगार के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने अब तक लाखों नौकरियां और रोजगार के अवसर दिए हैं। उन्होंने घोषणा की कि अगले पांच वर्षों में एक करोड़ युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा और राज्य की आय को दोगुना करने पर काम किया जाएगा।
सामाजिक सुरक्षा और महिला सशक्तिकरण
मुख्यमंत्री ने बताया कि वृद्ध, दिव्यांग और विधवा पेंशन को बढ़ाकर 1100 रुपये किया गया है, जिससे 1.14 करोड़ लोगों को लाभ मिल रहा है। महिलाओं को पंचायत और नगर निकायों में 50 प्रतिशत तथा सरकारी नौकरियों में 35 प्रतिशत आरक्षण देकर सशक्त बनाया गया है।
गया को विकास मॉडल के रूप में पेश किया
गया जिले के विकास कार्यों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़क, पेयजल और पर्यटन के क्षेत्र में बड़ा बदलाव आया है। बोधगया में अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक केंद्र, गंगाजल आपूर्ति योजना और अन्य परियोजनाओं से क्षेत्र को नई पहचान मिली है।
डिप्टी सीएम ने भी गिनाईं उपलब्धियां
जनसभा में उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि पिछले 20 वर्षों में बिहार में ऐतिहासिक बदलाव हुआ है। उन्होंने सड़कों के विस्तार, बढ़े हुए बजट और बिजली कनेक्शन के व्यापक विस्तार को सरकार की बड़ी उपलब्धि बताया।
चुनावी रणनीति का संकेत
गया की यह जनसभा केवल उपलब्धियों का बखान नहीं, बल्कि आने वाले चुनावों के लिए रणनीतिक संदेश भी रही। विकास, रोजगार और बुनियादी सुविधाओं को केंद्र में रखकर जनता के बीच जाने की तैयारी इस मंच से साफ नजर आई, जहां नीतीश कुमार ने अतीत के कामों के साथ भविष्य के वादों का संतुलन साधने की कोशिश की।